बस जो है सो है
मेरे पास सवालों के जवाब नहीं हैं,
सबके पास सवाल हैं,
मेरे पास सवाल भी नहीं हैं।
न है कोई कारण, न कोई समाधान,
न प्रारम्भ, न विराम,
और न ही अंत।
बस जो है सो है,
कल कुछ आज कुछ और कल कुछ और,
जैसे मैं, बस देख भर लूँ।
न अच्छा न बुरा,
न भेद, न विचार, न प्रकृति,
न रूप, न शब्द।
गौरव
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